करोड़ों के घोटाले के मामले में आईएएस अधिकारी को किया गया गिरफ्तार। 105 करोड़ उड़ाने के लिए अपनाया अनोखा तरीका

शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में कथित 105 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर असम राज्य की एक आईएएस अधिकारी को निलंबित करने के बाद उन्हें अब गिरफ्तार‌ कर लिया गया है। आईएएस अधिकारी का नाम सेवली देवी शर्मा बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सेवली देवी शर्मा के अलावा दो और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। असम पुलिस सेवली की गिरफ्तारी के लिए अजमेर पहुँची थी और लोकल पुलिस की सहायता से सेवली की लोकेशन ट्रेस की गई। ट्रेस करने के बाद सेवली को जयपुर रोड़ के होटल से गिरफ्तार किया गया। सेवली के साथ गिरफ्तार होने वाले दो लोग अजीत पाल और राहुल अमीन हैं। इस मामले में छह लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है , जिनके नाम राजेश जोशी , लखीनारायण सोनोवाल , जॉय चंद्र लहकर , सारंगा मोरे , रमीज उद्दीन अहमद और राहुल अली हैं। जानकारी प्राप्त करने के नजरिए से पूछने पर पुलिस अधीक्षक रोजी कलिता ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के करोड़ों के घोटाले में करीब 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आगे उन्होंने बताया कि इस मामले में जाँच अभी जारी है। सेवली देवी को एनसीईआरटी में अनियमितताओं के लिए पहले ही निलंबित किया जा चुका है। असम सरकार के कार्मिक विभाग ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सेवली देवी ने एनसीईआरटी में सचिव रहने के दौरान पूर्व अनुमति के 5 बैंक खाते खोले। वहीं राज्यपाल कार्यालय से भी निलंबन की अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात की गई थी‌।

  • Related Posts

    साहिबगंज की दृष्टि चटर्जी ने राज्यस्तरीय कला उत्सव 2025 में किया पहला स्थान हासिल, अब राष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगी प्रतिभा

    📍 स्थान: साहिबगंज | रिपोर्ट : श्रीकांत दास📅 प्रकाशन तिथि: 07 अक्टूबर 2025 साहिबगंज: झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा जेसीईआरटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्यस्तरीय…

    जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक शामली ने फरियादियों की समस्याएं सुनी, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    शामली: जिले के पुलिस अधीक्षक श्री एन.पी. सिंह द्वारा मंगलवार को पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *